Keval Gyan hone ke bad 16 prahar ke Desh na kisne Di Aryan Bhagwan Ne ya mahaveer Bhagwan ne
आपका प्रश्न "केवलज्ञान होने के बाद १६ प्रहर के देशना किसने दी—अरिहंत भगवान ने या महावीर भगवान ने?" से संबंधित है।
जैन धर्म के अनुसार, जब कोई तीर्थंकर या कोई आत्मा केवलज्ञान (सर्वज्ञता) को प्राप्त कर लेती है, तो वह अरिहंत (अरिहंत भगवान) कहलाता है। भगवान महावीर, २४वें तीर्थंकर, को केवलज्ञान प्राप्त हुआ और उसके बाद उन्होंने १६ प्रहर (लगभग ४८ घंटे) तक बिना रुके देशना (उपदेश) दी। इस देशना को "केवलज्ञान की देशना" कहा जाता है।
इसलिए, १६ प्रहर के देशना महावीर भगवान (जो उस समय अरिहंत बन चुके थे) ने दी थी। सामान्यतः सभी तीर्थंकर केवलज्ञान के बाद ऐसी देशना देते हैं, परंतु आपके प्रश्न में विशेष रूप से महावीर भगवान के संदर्भ में पूछा गया है।
सारांश: १६ प्रहर की देशना भगवान महावीर (अरिहंत भगवान बनने के बाद) ने दी थी।