जैन धर्म के आधार पर एक लाख योजन क्या होता है
जैन धर्म में “योजन” एक दूरी की इकाई (लम्बाई का माप) है, जो मुख्यतः जैन ब्रह्माण्ड (लोकाकाश), द्वीप‑महाद्वीप, नरक, देवलोक आदि के वर्णन में आती है।
1. योजन क्या है?
- शास्त्रों में सिर्फ “योजन” नाम से माप आया है,
- सामान्य भारतीय परम्परा के अनुसार (जैन आचार्यों ने भी समझाने के लिए कभी‑कभी यही लिया है):
2. एक लाख योजन का अर्थ
- एक लाख योजन = 100,000 योजन
- यह बहुत ही विशाल दूरी को दिखाने के लिए बोला जाता है, जैसे:
यदि ऊपर वाला अनुमान मान लें कि > 1 योजन ≈ 13 किमी (लगभग)
तो > 1 लाख योजन ≈ 13,00,000 किलोमीटर (लगभग 13 लाख किमी)
लेकिन ध्यान रहे:
- जैन शास्त्रों में इसका मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक‑ब्रह्माण्डीय संरचना बताना है,
- न कि बिल्कुल वैज्ञानिक किलोमीटर‑माप देना।