Jivo ki sankhya aur 16 prahar ke Desh na yah donon agar mahaveer Bhagwan ne diye Hain to a se answer dena hoga to kya likhenge
महावीर भगवान ने जीवों की संख्या (सांसारिक जीवों के वर्गीकरण) और 16 प्रहर के देश (अर्थात् 48 मिनट के एक प्रहर, 16 प्रहर = 24 घंटे) का उल्लेख अपने उपदेशों में किया है।
1. जीवों की संख्या: जैन आगमों के अनुसार, महावीर भगवान ने जीवों की अनेक जातियाँ और उनकी संख्या का वर्णन किया है। उन्होंने एकेन्द्रिय (एकेन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय तक) जीवों का वर्गीकरण विस्तार से समझाया है — जैसे पृथ्वी-काय, जल-काय, अग्नि-काय, वायु-काय, वनस्पति-काय, और त्रस जीव (चलने वाले जीव)। उन्होंने बताया कि संसार में अनंत जीव हैं, जो विभिन्न प्रकार के हैं।
2. 16 प्रहर के देश: महावीर भगवान ने समय का मापदंड प्रहर के अनुसार समझाया है। एक दिन-रात में 16 प्रहर होते हैं, यानी एक प्रहर 1.5 घंटे (लगभग 48 मिनट) का होता है। जैन आगमों में दिनचर्या, तप, उपवास आदि के संकल्प 'प्रहर' के हिसाब से भी बताए गए हैं। उदाहरण के लिए, उपवास में 'एकासण', 'बीयसण', आदि का उल्लेख प्रहर के अनुसार मिलता है।
उत्तर का संक्षिप्त रूप: यदि पूछा जाए कि क्या महावीर भगवान ने जीवों की संख्या और 16 प्रहर का देश बताया है, तो उत्तर होगा — हाँ, महावीर भगवान ने अपने उपदेशों में जीवों की अनेक जातियाँ, उनकी संख्या, और 16 प्रहर के देश का उल्लेख किया है, जो जैन आगम शास्त्रों में विस्तार से मिलता है।
संदर्भ:
- तत्त्वार्थ सूत्र
- आगम ग्रंथ (उत्तरसूत्र, दशवैकालिक सूत्र आदि)
- जीव वर्गीकरण (पंचेन्द्रिय, एकेन्द्रिय)
- समय मापन (प्रहर, मुहूर्त)