भगवान महावीर के भिक्षा पात्र का नाम
जैन आगमों और प्रामाणिक ग्रंथों में भगवान महावीर स्वामी के भिक्षा पात्र (भोजन का कटोरा) का कोई अलग, विशेष “नाम” उल्लेखित नहीं मिलता, जैसे बुद्ध के पात्र के साथ मिलता है।
उन्हें साधु-दिक्षा के बाद सामान्य रूप से
- भिक्षा-पात्र / पात्र
- दिगंबर परंपरा में केवल कमण्डलु (जलपात्र) आदि
इसलिए सही उत्तर यह है कि भगवान महावीर के भिक्षा पात्र का कोई विशिष्ट निजी नाम शास्त्रों में प्रसिद्ध नहीं है; उसे सामान्य रूप से भिक्षा-पात्र/पात्र ही कहा गया है।