Ahimsa parmo dharma full sholk.
“अहिंसा परमो धर्म” वाले श्लोक के कुछ प्रसिद्ध रूप हैं। जैन परंपरा में प्रचलित एक संपूर्ण रूप इस प्रकार है:
देवनागरी में अहिंसा परमो धर्मः । अहिंसा परमो तपः । अहिंसा परमनं ज्ञानं । अहिंसा परमनं दानम् ॥
रोमन लिपि में Ahimsā paramo dharmaḥ, ahimsā paramo tapaḥ, ahimsā paramanaṁ jñānaṁ, ahimsā paramanaṁ dānam॥
सरल अर्थ
- अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है।
- अहिंसा सबसे बड़ा तप (तपस्या) है।
- अहिंसा सबसे बड़ा ज्ञान है।
- अहिंसा सबसे बड़ा दान है।
यानि सोच, बोल और व्यवहार – तीनों में किसी भी जीव को कष्ट न देना ही जीवन का सर्वोच्च धर्म माना गया है।