Pls write all sutras till Nanammi Sutra of Swetambar jain tradition in hindi
स्वेताम्बर जैन परंपरा में, नंदीसूत्र, ऊवसग्गहरं स्तोत्र, तिस्सग्गय सूत्र, और नणम्मि सूत्र प्रमुख प्रारंभिक स्तोत्र-सूत्रों में गिने जाते हैं। आपके अनुरोध अनुसार, यहाँ नणम्मि सूत्र तक के प्रमुख सूत्र हिन्दी लिपि में दिए जा रहे हैं:
1. नमो अरिहंताणं ``` णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आयरियाणं णमो उवज्जायाणं णमो लोइ सव्व साहूणं एसो पंच णमोक्कारो सव्व पावप्पणासणो मंगलाणं च सव्वेसिं पढमं हवइ मंगलं || ```
2. ऊवसग्गहरं स्तोत्र ``` ऊवसग्गहरं पासमं, पासंमं हवयं जलंति महितं; दिव्वं कल्याणकयं, पावप्पमोक्खं जहा सुथं। खवयं छिंदंति संसारं, जीवाणं जिणवरवणीं; वंदामि तं जिनेन्द्रं, ऊवसग्गहरं परं। ``` (यहाँ केवल एक श्लोक दिया गया है, यदि आवश्यकता हो तो सम्पूर्ण स्तोत्र लिखा जा सकता है।)
3. तिस्सगय सूत्र ``` तिस्सगय-नंमित्तं, आयर-गुत्त-परिग्गहं; अण्णाणि गा-णाणि, वंदामि सव्वसिद्धे। ```
4. नणम्मि सूत्र ``` नणम्मि तिहि साहूणं, अरिहंता सिद्ध-आयरा; उवज्जाया मुहावज्जा, पंचमहपुरिसा जिणा। ```
अगर आपको किसी सूत्र का विस्तृत रूप या अन्य सूत्रों की भी आवश्यकता है, कृपया बताइये।