Bharat chakravati ka natak karte karte kisko
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Bharat Chakravarti का नाटक करते-करते बाहुबली को केवलज्ञान (केवलज्ञान—अलौकिक ज्ञान) प्राप्त हुआ था।
यह कथा जैन धर्म में प्रसिद्ध है। जब भरत चक्रवर्ती ने अपने भाई बाहुबली को हराने के लिए नाटक (दिखावा) किया, तब बाहुबली को वैराग्य की भावना हुई और उन्होंने संसार का त्याग कर दिया। उसी समय उन्हें केवलज्ञान प्राप्त हुआ।
सारांश: बाहुबली को भारत चक्रवर्ती का नाटक करते-करते केवलज्ञान प्राप्त हुआ।