Mahavir bhagwan ko halidug gav me ky upsarg aaya
हाँ, महावीर भगवान जी को "हलिदुग्राम" (या हलिदुग गाँव) में उपसर्ग (कष्ट) आया था। जब भगवान महावीर अपने विहार के दौरान हलिदुग्राम पहुँचे, तब वहाँ के एक ग्रामवासी गृध्रपिच्छ (शूलपाणि नामक यातना देने वाला देव) ने भगवान को कष्ट पहुँचाने का प्रयास किया। इस उपसर्ग के दौरान भगवान महावीर को अनेक प्रकार के शारीरिक कष्ट दिए गए, जैसे काँटों से शरीर को चुभाना, लेकिन भगवान महावीर ने समता और क्षमा भाव के साथ उन सब कष्टों को सहन किया।
यह घटना महावीर भगवान के क्षमा, सहनशीलता और अपार संयम का उदाहरण मानी जाती है। इस प्रसंग का उल्लेख जैन ग्रंथों में विस्तार से मिलता है, जैसे कि 'कल्पसूत्र' और 'उत्तराध्ययन सूत्र' आदि।
सारांश: महावीर भगवान को हलिदुग्राम (हलिदुग गाँव) में शूलपाणि नामक देव द्वारा उपसर्ग (कष्ट) दिया गया था, जिसे भगवान ने धैर्य और समभाव से सहन किया।