Bhagwan mahavir ne 32no ka chaturmas m
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भगवान महावीर ने अपने जीवनकाल में कुल 42 वर्ष की दीक्षा (साधु जीवन) में चातुर्मास किए थे। चातुर्मास का अर्थ है वर्षा ऋतु के चार महीने, जब साधु-साध्वियां एक ही स्थान पर रहकर साधना करते हैं।
आपके प्रश्न के अनुसार, "32वाँ चातुर्मास" (32nd Chaturmas) भगवान महावीर ने कहाँ किया, इसका वर्णन जैन ग्रंथों में इस प्रकार मिलता है:
भगवान महावीर ने अपना 32वाँ चातुर्मास 'राजगृह' (Rajgriha) में किया था। राजगृह वर्तमान में बिहार राज्य के राजगीर नगर के रूप में स्थित है। वहाँ उन्होंने अनेक उपदेश दिए और कई लोगों को धर्म-मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
सारांश:
- 32वाँ चातुर्मास: राजगृह (राजगीर)
यदि आपको अन्य चातुर्मासों के स्थानों की सूची चाहिए या विस्तृत जानकारी चाहिए तो कृपया बताएं।