Jain stavans famous
कुछ प्रसिद्ध जैन स्तवन (भजन) जो लगभग हर जैन परिवार में सुने जाते हैं, उनके नाम नीचे दे रहा हूँ। आप इनमें से जो पसंद आए, उसे आगे ढूँढकर सुन सकते हैं:
- “जिनवाणी माँ, जिनवाणी माँ…”
- “हे प्रभु, रीझो रे मन मेरो…”
- “मंगल मुखड़ा मेरो…”
- “मेरी भावना में रहना केवल प्रभु तुम…”
- “जीने की राह दिखा दे, ऐ प्रभु…”
- “आओ मेरे बस में आओ प्रभु…”
- “प्रभु मेरे अवगुण चित न धरो…” (जैन संस्करण)
- “हे प्रभु, अनन्तानन्त ज्ञान के सागर…”
- “जय वीर प्रभु, जय वीर…” (भगवान महावीर स्तवन)
- “भक्ति करो रे मन मेरे…”
- “आज मेरे घर आई, प्रभु की सवारी…”
- “ज्योतिर्मय मंगल दीपाली…”
- “शासन के स्वामी, महावीर प्रभु…”
- “शांतिनाथ जी तेरा, बड़ा अनोखा दरबार…”
- “अंतर्मन मंदिर में, प्रभु को विराजो…”
- “रतन करूं प्रभु तेरी भक्ति का…”
- “तेरे चरणों में प्रभु, शीश झुकाऊँ मैं…”
- “हे देव अधिदेव, जिनेश्वर…”
- “विघ्न हरो, महावीर प्रभु…”
- “हे जिनेंद्र परम दयाल…”
थोड़ा ध्यान रखने वाली बातें:
- अलग–अलग क्षेत्रों में अलग भाषाओं (हिन्दी, गुजराती, राजस्थानी आदि) के अपने लोकप्रिय स्तवन होते हैं, तो नामों में थोड़ी भिन्नता हो सकती है।
- दिगम्बर और श्वेताम्बर समाज में धुन/शब्द थोड़े बदल जाते हैं, पर भाव एक ही है – अरिहन्त, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु की भक्तिभाव से स्तुति।
अगर आप चाहें तो मैं
- सिर्फ भगवान महावीर के प्रसिद्ध स्तवन अलग से, या
- बच्चों के लिए आसान और छोटे–छोटे स्तवनों की लिस्ट