राजा श्रेणिक क्या किसि पूर्वभवमें मुनि हुए थे?
जैन आगमों में राजा श्रेणिक (बिम्बिसार / श्रीयाणिक) के अनेक भवों का सीधा-सीधा, क्रमवार वर्णन नहीं मिलता कि वे किस‑किस पूर्वजन्म में क्या बने थे – मुनि हुए थे या नहीं।
हाँ, इतना अवश्य स्पष्ट है कि –
- वे इस वर्तमान मानव जन्म में गृहस्थ ही रहे, दीक्षा नहीं ली।
- उनके भारी पापों (विशेषतः भगवान महावीर के प्रति मिथ्यात्व आदि) के कारण वे आगे सप्तम नरक में जा रहे हैं, ऐसा वर्णन शास्त्रों में आता है। ( jainknowledge.com)
किसी प्रमाणित आगमिक ग्रंथ में ऐसा स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता कि “फलाने पूर्वभव में राजा श्रेणिक अमुक नाम के मुनिराज थे।” इसलिए प्रामाणिक रूप से यह कहना कि वे किसी पूर्वभव में मुनि हुए थे – संभव नहीं है, यह केवल कल्पना या लोककथा की बात हो सकती है।
इसलिए संक्षेप उत्तर: राजा श्रेणिक के किसी पूर्वभव में मुनि रहे होने का स्पष्ट, प्रमाणित आगमिक उल्लेख नहीं मिलता; अतः इसे निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।