365 days niyam
“365 days niyam” मतलब – ऐसा संकल्प / नियम जो आप पूरे 1 साल लगातार निभाने का वचन लेते हैं, भगवान के सामने या गुरु‑भगवंत के सामने।
1. 365 days niyam का उद्देश्य
- कर्म कम करना (हिंसा, असत्य, राग‑द्वेष को घटाना)
- अपने जीवन को थोड़ा‑थोड़ा साधु जीवन की तरफ ले जाना
- मन को दृढ़ बनाना (संकल्प‑शक्ति बढ़ती है)
2. 365 days niyam कैसे लें?
साधारण तरीका (श्रावक/श्राविका के लिए):- स्पष्ट नियम तय करें
जैसे उदाहरण: - पूरे साल रात में खाना बिल्कुल नहीं (चौविहार / त्रिविहार) - पूरे साल आलू‑प्याज‑लहसुन आदि मूलक कंद का त्याग - रोज़ सुबह‑शाम 15–15 मिनट समायक या पाठ (णमोकार मंत्र, प्रत्याख्यान आदि) - हर एकादशी/चौदस को उपवास या अयम्बिल - मोबाइल‑टीवी पर अनावश्यक समय/अशुभ कंटेन्ट का त्याग
- भगवान / गुरु के सामने प्रात्याख्यान (पच्छखान)
- मंदिर में, घर के जिनालय में या साधु‑साध्वी के सामने बोलकर संकल्प लेना: - “मैं अमुक तारीख से अगले 365 दिन तक फलाँ‑फलाँ नियम का पालन करूँगा।” - संभव हो तो लिखकर भी रखिए – इससे स्मरण बना रहता है।
- नियम को रोज़ याद करना
- रोज़ पूजा/समायक में 1–2 मिनट अपना नियम याद करिए। - भूल हो जाए तो उसी दिन प्रायश्चित ले कर, फिर से संकल्प करें – ढील मत छोड़िए।
3. कौन‑कौन से 365 days niyam ले सकते हैं?
कुछ सरल और अच्छे विकल्प (अपनी क्षमता देखकर चुनें):- आहार से जुड़े नियम
- रात का भोजन त्याग (सिर्फ उषःपान / नाश्ता‑लंच तक) - मूलक कंद त्याग (आलू, प्याज, लहसुन, अदरक, मूली आदि) - बाहर का जंक फूड, रेस्टोरेंट भोजन त्याग - रोज़ “जितना जरूरी हो उतना ही” भोजन – अधिक न खाना
- समय और साधना से जुड़े नियम
- रोज़ 1 या 2 बार समायक - रोज़ कम से कम 9 / 27 / 108 णमोकार मंत्र - रोज़ 1 पाठ – जैसे: लोगस, उवसगहरं, भक्तामर के थोड़े श्लोक आदि
- आचरण से जुड़े नियम
- पूरे साल किसी से झगड़ा नहीं करना, गाली / कटु वचन नहीं बोलना - किसी की चुगली / निंदा नहीं करना - व्यर्थ व्हाट्सऐप‑रील्स‑गेम्स में रोज़ अमुक मिनट से ज़्यादा समय नहीं देना - हर दिन कम से कम 1 “सेवा” – जैसे घर में मदद, बीमार की सेवा, धर्म कार्य में योगदान इत्यादि
4. Digambar – Shvetambar दृष्टि से
- 365 दिन का व्यक्तिगत नियम / पच्छखान दोनों परंपराओं में मान्य है।
- अंतर सिर्फ छोटी‑छोटी आचार‑पद्धति में हो सकता है (जैसे मंत्र, पद्धति, भोजन‑विवरण),
5. शुरुआत कैसे करें (बहुत सरल तरीका)
अगर आप पहली बार 365 days niyam लेना चाहते हैं, तो कोई एक छोटा लेकिन पक्का नियम ले:- जैसे: “पूरे साल रात में भोजन नहीं करूँगा/करूँगी”
- “पूरे साल आलू‑प्याज आदि नहीं खाऊँगा/खाऊँगी”
पहले साल में 1–2 नियम पक्के कर लें, बाद में और जोड़ना आसान हो जाता है।
अगर आप proper Jain पच्छखान (प्रत्याख्यान) की सही विधि देखना चाहें, तो JainKnowledge पर “Jain Pachkhan” वाला सेक्शन बहुत उपयोगी है – आप वहाँ देख सकते हैं