पालक विमान में कितने योजन प्रमाण होता है
जैन ग्रंथों के अनुसार, "पालक विमान" (Vimana) स्वर्ग के विमानों में से एक है, जो देवलोक (स्वर्ग) में देवों के निवास स्थान के रूप में वर्णित है। विमानों की ऊँचाई और विस्तार "योजन" प्रमाण में दी जाती है।
जैन आगम ग्रंथों के अनुसार, "पालक विमान" का विस्तार 8 योजन प्रमाण (लगभग 64 मील या 104 किलोमीटर) बताया गया है।
यह विवरण जैन धर्म के लोकाकाश (Cosmos) और स्वर्ग की संरचना पर आधारित ग्रंथों जैसे तत्त्वार्थ सूत्र, त्रिलोकसार, आदि में मिलता है।
सारांश: पालक विमान = 8 योजन प्रमाण
यदि आपको विमानों के और विस्तार या अन्य विमानों के योजन प्रमाण जानने हैं, तो कृपया स्पष्ट रूप से पूछें।