ऋषभदेव प्रभु के कुल कितने गांधार थे
ऋषभदेव प्रभु के कुल ८४ गांधार (शिष्य) थे। इन ८४ गांधारों में से प्रमुख उनके पुत्र भरत, बाहुबली, सुंदरी, अनंतवीर्य आदि थे। गांधार वे मुख्य शिष्य होते हैं जो तीर्थंकर के उपदेशों को सुनकर, उन्हें व्यवस्थित रूप से संकलित कर, आगे प्रचार-प्रसार करते हैं। जैन ग्रंथों के अनुसार, प्रत्येक तीर्थंकर के अपने गांधार होते हैं, और ऋषभदेव प्रभु के ८४ गांधार प्रसिद्ध हैं।