Prithvi Kay Jeev imagesee
“Prithvi‑kāy jīv” = पृथ्वी-काय जीव यानी ऐसे जीव जिनका शरीर पृथ्वी (मिट्टी/पत्थर आदि) जैसा होता है।
आप शायद फोटो / इमेज जैसा समझना चाहते हैं, तो ऐसे सोचिए:
- मिट्टी का ढेला (clod of soil)
- हमें जड़ चीज़ लगता है, पर जैन दर्शन में उसमें अनन्त सूक्ष्म पृथ्वी‑काय जीव माने गए हैं।
- धूल / रेत के कण (dust / sand grains)
- हर छोटा कण केवल “पथर” नहीं, उसमें भी प्रथ्वी‑काय जीव हो सकते हैं।
- पत्थर, चट्टान, पहाड़ (stones, rocks, mountains)
- बड़े पत्थर के अंदर बहुत‑से पृथ्वी‑काय जीव होते हैं। काटने, तोड़ने से उनका हिंसा होता है।
- कीमती रत्न, क्रिस्टल, खनिज (gems, crystals, minerals)
- हीरा, माणिक, क्रिस्टल आदि – चमकदार होते हैं, पर जैन दृष्टि से ये भी पृथ्वी‑काय जीवों से भरे माने जाते हैं।
- गारा, ईंट, सीमेंट, कंक्रीट
- ये सब मिट्टी/पत्थर से बने हैं, इसलिए इनसे भी पृथ्वी‑काय जीवों की हिंसा जुड़ी है।
इमेज की तरह याद रखिए:
- जहाँ भी मिट्टी, पत्थर, रेत, धूल, खनिज दिखे – वहाँ प्रथ्वी‑काय जीव हैं।
- जैन धर्म इसलिए बेवजह मिट्टी खोदने, पत्थर तोड़ने, ज़्यादा construction आदि में सावधानी सिखाता है।