धर्म में सहायक सामग्री के दान को कौनसा दान कहते है
धर्म में सहायक सामग्री के दान को औषधि दान या आहार दान के अतिरिक्त आश्रय दान (उपकरण दान) भी कहा जाता है। जब कोई व्यक्ति धर्म के पालन में सहायक सामग्री जैसे—धर्मशाला, मंदिर, पुस्तकें, आसन, पात्र, दीपक, जल, शास्त्र, पूजा सामग्री आदि का दान करता है, तो उसे आश्रय दान या उपकरण दान कहते हैं। जैन धर्म में दान के चार मुख्य प्रकार बताए गए हैं—
- आहार दान (भोजन का दान)
- औषधि दान (औषधियों का दान)
- ज्ञान दान (शास्त्र, पुस्तकों का दान)
- आश्रय दान (ठहरने, पूजा अथवा धर्म के कार्यों में सहायक सामग्री का दान)
इस प्रकार, धर्म में सहायक सामग्री के दान को आश्रय दान कहते हैं।