kya mai adrak khau
छोटा सा उत्तर:
जैन दृष्टि से अदरक (ताज़ा ginger) खाना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि यह जड़ (कंद) वर्ग में आता है और इसमें बहुत सूक्ष्म जीव (अनन्तकाय वनस्पति) माने जाते हैं।
- ताज़ा अदरक – सामान्य खाने में त्याग करना ही जैन शास्त्रों के अनुसार श्रेयस्कर है।
- कुछ परंपराओं में सूखी सौंठ / अदरक को भी सिर्फ़ औषधि के रूप में, बहुत थोड़ी मात्रा में लिया जाता है, वो भी मजबूरी में (बीमारी वगैरह में) – रोज़मर्रा के स्वाद के लिए नहीं।
इसलिए यदि आप जैन नियमों का ध्यान रखना चाहते हैं तो अदरक न खाना ही अच्छा है, और यदि कभी लेना भी हो तो सिर्फ़ दवाई की तरह, वो भी न्यूनतम मात्रा में।