कलिकुण्ठ swami kon hai
“कलिकुण्ठ स्वामी” या “कालीकुण्ड परस्वनाथ स्वामी” से सामान्यतः मतलब होता है – भगवान पार्श्वनाथ के एक विशेष रूप / नाम – “श्री कालीकुण्ड पार्श्वनाथ भगवान”
संक्षेप में:
- भगवान पार्श्वनाथ जिन (23वें तीर्थंकर) को जहाँ‑जहाँ चमत्कारी प्रतिमा या विशेष तीर्थ से जोड़कर पूजा जाता है, वहाँ उनका नाम अलग‑अलग पड़ जाता है – जैसे कंकण पार्श्वनाथ, मक्षी पार्श्वनाथ, भतेवा पार्श्वनाथ आदि।
- ऐसे ही एक प्राचीन तीर्थ से जुड़ा नाम है “कालीकुण्ड पार्श्वनाथ”।
- मान्यता है कि “काली” नामक पर्वत और “कुण्ड” (तालाब) के पास भगवान पार्श्वनाथ का तप/संबंध रहा, वहाँ के राजा दधिवाहन ने जो मंदिर बनवाया, वह कालीकुण्ड तीर्थ कहलाया और वहाँ के मूलनायक को भक्तजन प्रेम से “कालीकुण्ड पार्श्वनाथ स्वामी” कहते हैं।
आज भारत में कई जगहों पर (जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, मुंबई आदि) “श्री कालीकुण्ड पार्श्वनाथ” नाम से जैन मंदिर/तीर्थ हैं, जहाँ यही पार्श्वनाथ भगवान पूज्य हैं, केवल नाम स्थानानुसार बदल गया है, तीर्थंकर वही हैं – भगवान पार्श्वनाथ।