Varshitap calender 2026-2027
Varshitap का पूरा “calendar” हमेशा तिथि के आधार पर बनाया जाता है, न कि सिर्फ English (Gregorian) dates से। इसलिए 2026–2027 के लिए भी आपको पहले जैन पंचांग देखना ज़रूरी है।
1. Varshitap 2026–2027 किन तिथियों के बीच होगा?
सामान्य श्वेताम्बर परम्परा (खासकर मूरतिपूजक / तपागच्छ) में:
- Varshitap अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल 3) से शुरू होता है
- और अगली अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल 3) पर पर्णा (समापन) होता है
इसका मतलब 2026–2027 वाला वर्षीतप:
- आरंभ – अक्षय तृतीया 2026 (वैशाख शुक्ल तृतीया, विक्रम संवत 2083)
- पर्णा – अक्षय तृतीया 2027 (वैशाख शुक्ल तृतीया, विक्रम संवत 2084)
लेकिन इन तिथियों के English दिनांक (जैसे 11 March, 30 April आदि) आपके देश/शहर के अनुसार 1 दिन आगे–पीछे भी हो सकते हैं, क्योंकि चन्द्रमा की गति और time‑zone के अनुसार पंचांग बदलता है।
इसलिए – Varshitap calendar बनाते समय हमेशा अपने local Jain Panchang / Sangh / Gurudev द्वारा दिया हुआ पंचांग ही final मानें।
आप इस विषय पर यह उत्तर भी देख सकते हैं: Varshitap 2026 date
---
2. Varshitap 2026–2027 का Calendar कैसे बनाएं? (प्रैक्टिकल तरीका)
आप खुद बहुत आसानी से पूरा calendar बना सकते हैं:
- Local Jain Panchang लें
– जिसमें जैन तिथियाँ (चैत्र, वैशाख, इ.) साफ़ लिखी हों।
- Start Date तय करें
- पंचांग में देखें: “वैशाख शुक्ल 3 – अक्षय तृतीया” 2026 - वही दिन आपका Varshitap आरंभ होगा - कई लोग उसी दिन से “उपवास–बेसन” की गिनती शुरू करते हैं
- End Date तय करें
- अगली साल के पंचांग में देखें: “वैशाख शुक्ल 3 – अक्षय तृतीया” 2027 - वही दिन Varshitap का पर्णा (इक्षुरस / श्रीयांसकुमार स्मरण) होगा
- बीच के पूरे साल के लिए alternate उपवास मार्क करें
साधारण श्वेताम्बर पद्धति में: - एक दिन उपवास, - अगले दिन बेसन (एकासन/बेयासी/आदर्शानुसार), - फिर तीसरे दिन उपवास - ऐसे पूरा साल एक–एक दिन छोड़कर उपवास चलता है
Calendar बनाने का तरीका: - अक्षय तृतीया 2026 से अगले दिन से शुरू करें - हर दूसरे दिन की तिथि पर “उपवास” लिखें - बीच के दिन पर “बेसन / एकासन” लिखें - यही क्रम अक्षय तृतीया 2027 तक चलता है
- विशेष तिथियाँ भी नोट करें
- पर्युषण, अष्टाहिका, ओली, पर्व, महावीर जयंती, दशलक्षण, इत्यादि - इन पर भी जो भी विशेष तप करना हो (अभिग्रह के अनुसार) calendar पर अलग से रंग से लिखें
---
3. अलग परम्पराएँ
- श्वेताम्बर मूरतिपूजक / तपागच्छ
- अन्य गच्छ / स्थानकवासी / तेरापंथी / दिगम्बर
---
संक्षेप
- Varshitap 2026–2027 = अक्षय तृतीया 2026 से अक्षय तृतीया 2027
- पूरा calendar तिथि के आधार पर बनता है,
- एक बार start और end की तिथि मिल जाए,