Ayambil oli shayari
1️⃣ अयम्बिल की पावन ओली, आत्मा का उत्सव विशेष, रस, स्वाद, दिखावे से दूरी, भीतर जागे तप का देश।
2️⃣ ओली के नौ पवित्र दिन, जप-तप और ध्यान, इन्द्रियों को दे विराम तू, बन जा आत्मा का मेहमान।
3️⃣ एक रस का सादा भोजन, मन का भी कर ले उपवास, राग-द्वेष को त्याग के बोले, “अब मेरा सच्चा विकास।”
4️⃣ न तेल, न घी, न मसाले, न ही चटपटा स्वभाव, अहिंसा, संयम, मैत्री से, सजता जीवन का ठांव।
5️⃣ अयम्बिल ओली का संदेश, भीतर की मैल हटाओ, पुण्य-संचय की पावन घड़ी है, आत्मज्योति को जगाओ।
6️⃣ शाकाहार से भी आगे बढ़, बन संयम का तू दानी, ओली में संकल्प ये कर ले, “मैं हूँ केवल आत्मा ज्ञानी।”
इन शायरियों को आप व्हाट्सऐप स्टेटस, कार्ड या कार्यक्रम में उद्घोषणा के रूप में आराम से उपयोग कर सकते हैं।