जैसवाल जैन समाज
जैसवाल जैन समाज – संक्षिप्त परिचय
- समुदाय क्या है?
- जैसवाल जैन समाज मुख्यतः दिगम्बर जैनों का एक प्रसिद्ध व्यापारी एवं सामाजिक समुदाय है। - परंपरा के अनुसार इनकी उत्पत्ति जैसलमेर (राजस्थान) क्षेत्र से मानी जाती है, इसलिए इन्हें “जैसवाल” कहा जाने लगा।
- धार्मिक पहचान
- अधिकांश जैसवाल जैन दिगम्बर परम्परा से जुड़े होते हैं। - भगवान महावीर, तीर्थंकरों की भक्ति, मंदिर-वंदन, स्वाध्याय, दान आदि में बहुत सक्रिय समाज माना जाता है।
- मुख्य विशेषताएँ
- व्यापार एवं उद्योग में आगे रहने वाला समाज, परंतु साथ‑साथ - जिनालय (जैन मंदिर), - धर्मशाला, भोजनोंशाला, - पाठशाला, छात्रावास, - सामूहिक पूजन और धर्म-प्रवचन जैसे धार्मिक‑सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी। - अनेक नगरों में “जैसवाल जैन समाज” की अलग‑अलग समितियाँ / संस्थाएँ बनी हुई हैं, जो - विवाह, शिक्षा, स्वास्थ्य सहायता, - धर्मप्रवचन, स्वाध्याय, तप प्रेरणा जैसे कार्यक्रम आयोजित करती हैं।
- कहाँ‑कहाँ मिलते हैं?
- राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश आदि के कई शहरों में जैसवाल जैन समाज के बड़े‑बड़े केन्द्र हैं, जैसे - ग्वालियर, - फिरोजाबाद, - झालावाड़, - अजमेर आदि।
- धर्म की दृष्टि से
- आस्था वही मूल जैन धर्म: - अहिंसा, अनेकान्तवाद, अपरिग्रह - सम्यक दर्शन–ज्ञान–चारित्र (त्रिरत्न) - साधु–साध्वी, आचार्य, विद्वान पण्डित और तपस्वी भी इस समाज से निकलते रहे हैं।
यदि आप किसी विशेष शहर/समिति के “जैसवाल जैन समाज” के बारे में जानना चाहते हैं (जैसे अजमेर, ग्वालियर, आदि), तो उस शहर का नाम भी लिखें, ताकि उसी के अनुसार जानकारी दी जा सके।