महावीर स्वामी भगवान नितीन चीज की खात्रि करने के लिए किन तीन जो को कीन तीन जनो के पास भेजा थ
महावीर स्वामी भगवान ने किसी भी वस्तु की खरीद-फरोख्त या खात्रि (खरीददारी) के लिए किसी को नहीं भेजा था। जैन धर्म के अनुसार, भगवान महावीर स्वामी ने दीक्षा लेने के बाद पूर्ण रूप से त्याग का जीवन स्वीकार किया था। उन्होंने सभी भौतिक वस्तुओं का त्याग कर दिया था और वे केवल गोचरि (भिक्षा) द्वारा ही भोजन ग्रहण करते थे, वह भी बिना किसी आग्रह या आदेश के।
अगर आप किसी विशेष प्रसंग या कथा का उल्लेख कर रहे हैं, तो कृपया विस्तार से बताएं, क्योंकि जैन आगम या शास्त्रों में ऐसा कोई उल्लेख नहीं मिलता कि महावीर स्वामी ने किसी चीज की "खात्रि" (खरीददारी) के लिए किसी को भेजा हो। यदि आप किसी अन्य जैन तीर्थंकर या कथानक की बात कर रहे हैं, तो कृपया स्पष्ट करें।