Laghu shanti bolne ka time
Laghu Shanti (छोटी शांति विदि / शांति पाठ) बोलने के लिए कोई एक “फिक्स” समय ज़रूरी नहीं है, लेकिन परंपरा के अनुसार ये समय अच्छे माने जाते हैं:
- सुबह की आराधना के बाद
- पूजा, समायिक, पाठ आदि के बाद अंत में Laghu Shanti बोली जाती है, ताकि दिन शुभ और शांत रहे।
- शाम को / आरती या प्रतिक्रमण के बाद
- कई घरों में संध्या समय, आरती या प्रतिक्रमण के बाद Laghu Shanti बोली जाती है, घर और परिवार की शांति के लिए।
- विशेष अवसरों पर
- जब घर में कोई नया काम शुरू हो, यात्रा पर निकलना हो, बीमारी/कष्ट चल रहा हो, परीक्षा, व्यवसाय आदि – तब भी कभी भी Laghu Shanti पाठ कर सकते हैं।
- नियम क्या रखें?
- जिस समय आप रोज़ाना नियम से कर सकें, वही आपके लिए सबसे अच्छा समय है। - शांत मन, स्वच्छ स्थान, कम से कम विघ्न – ये ज़रूरी हैं, घड़ी का समय उतना महत्वपूर्ण नहीं।
संक्षेप में: सुबह या शाम – किसी भी एक समय को अपना नियत समय बना लें, और नियमित भाव से Laghu Shanti बोलें; ज़रूरत या विशेष परिस्थिति में दिन में कभी भी अतिरिक्त बोलना भी पूरी तरह उचित है।