Prabhu mahveee ne kshatriya kul me janm liya tha aur aaj le kshatriya maans means non veg khaate he to kya prabhu le ghar par bhi non veg aata hoga
नहीं, भगवान महावीर के घर में non‑veg (मांस आदि) आना – जैन परम्परा के अनुसार – सम्भव ही नहीं है।
थोड़ा साफ समझिए:
- जन्म क्शत्रिय कुल में हुआ, पर घर का धर्म “अहिंसा” वाला था
- भगवान महावीर का जन्म वैश्याली के लिच्छवि क्शत्रिय कुल में राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के घर हुआ था। - ये पूरा परिवार जैन परम्परा, अहिंसा और सत्त्विक (शुद्ध शाकाहारी) जीवन वाला माना जाता है। - “कुल क्शत्रिय है” का मतलब यह नहीं कि वे मांस खाते ही होंगे। आज भी बहुत से क्शत्रिय कुल पूरी तरह शाकाहारी हैं।
- तीर्थंकर के परिवार पर विशेष नियम माने जाते हैं
- जैन आगमों में वर्णन है कि जिस घर में तीर्थंकर का गर्भ आता है, वहाँ माता‑पिता का आहार‑विहार बहुत शुद्ध और सात्त्विक हो जाता है। - तीर्थंकरों के माता‑पिता के बारे में कहीं भी मांसाहार का वर्णन नहीं मिलता; उल्टा उनकी करुणा, दया और अहिंसा पर ही ज़ोर है।
- आज के क्शत्रिय = उस समय के क्शत्रिय नहीं
- आज बहुत से क्शत्रिय मांस खाते हैं, पर यह आज की सामाजिक आदत है, धर्म का नियम नहीं। - भगवान महावीर के समय उनके घर का वातावरण धार्मिक, अहिंसक और शाकाहारी माना जाता है, इसलिए “प्रभु के घर non‑veg आता होगा” – यह जैन दृष्टि से सही नहीं है।
इसलिए, निष्कर्ष: भगवान महावीर के घर में मांसाहार का चलन नहीं था, और न ही उनके घर non‑veg आता था।