Mahavir swami ki updesh sthali rajgrahi me kon se tirthankar ka samavsaran nahi aaya tha
राजग्रह (राजगृह) को परंपरागत रूप से इस अवसर्पिणी के लगभग सभी तीर्थंकरों की समवसरण‑भूमि माना गया है। जैन ग्रंथों के अनुसार:
राजगृह में जिन दो तीर्थंकरों का समवसरण नहीं आया था, वे हैं –
- भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ)
- भगवान वासुपूज्य स्वामी
अर्थात महावीर स्वामी की उपदेश‑स्थली राजगृह में इन दोनों के अतिरिक्त शेष तीर्थंकरों के समवसरण आने का उल्लेख मिलता है।