Q: मन KO युद्ध भूमि किसने बना दी थी IN JAINISM IN HINDI
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जैन दृष्टि से मन को युद्ध-भूमि बनाने वाले मुख्य कारण हैं कषाय — क्रोध, मान, माया और लोभ।
इनके कारण मन में निरंतर संघर्ष चलता रहता है। जब आत्मा पर कर्मों का आवरण होता है, तब मन शांति की जगह आकर्षण, द्वेष, इच्छा और विकारों की लड़ाई का क्षेत्र बन जाता है।
संक्षेप में: मन को युद्ध-भूमि कषायों ने बना दिया था।