mȧgalādinī mȧgalamadhyāni mȧgalāntāni
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मङ्गलादीनि मङ्गलमध्यानि मङ्गलान्तानि का अर्थ है:
“जो प्रारम्भ से मङ्गलमय हैं, बीच में भी मङ्गलमय हैं, और अन्त में भी मङ्गलमय हैं।”
यह वाक्य जैन परम्परा में शुभता, पवित्रता और कल्याण का बोध कराता है। इसका भाव यह है कि जिन वस्तुओं, स्तुतियों, या उपदेशों का आरम्भ, मध्य और अन्त—तीनों ही शुभ हों, वे पूर्ण रूप से मंगलकारी माने जाते हैं।
सरल शब्दों में:
- मङ्गलादीनि = आरम्भ में मङ्गल
- मङ्गलमध्यानि = बीच में मङ्गल
- मङ्गलान्तानि = अन्त में मङ्गल
यदि आप चाहें, तो मैं इसका जैन सन्दर्भ में विस्तृत अर्थ भी दे सकता हूँ।