Punya bandh meaning
Punya bandh का अर्थ है पुण्य का बंध — यानी ऐसे शुभ कर्मों का आत्मा के साथ बंधना, जिनसे आगे चलकर सुख, अच्छा जन्म, समृद्धि, उत्तम शरीर, शुभ संयोग, और धर्म-साधना के अनुकूल परिस्थितियाँ प्राप्त होती हैं।
सरल अर्थ:
जब कोई जीव अहिंसा, सत्य, दया, सेवा, संयम, दान, भक्ति जैसे शुभ भावों से कर्म करता है, तब पुण्य कर्म बंधता है। इसे ही पुण्य बंद / पुण्य बंध कहा जाता है।ध्यान रखने योग्य बात:
जैन धर्म में पुण्य भी कर्म ही है। इसलिए:- पुण्य अच्छा फल देता है,
- लेकिन वह भी आत्मा को संसार में बाँधता है।
अर्थात, पुण्य पाप से श्रेष्ठ है, पर मोक्ष का अंतिम साधन नहीं। मोक्ष के लिए पुण्य और पाप दोनों का क्षय आवश्यक है।