Ratri paher ke name
रात्रि के 4 पहर माने जाते हैं:
- प्रथम पहर
- द्वितीय पहर
- तृतीय पहर
- चतुर्थ पहर
सामान्य रूप से:
- संध्या के बाद = प्रथम पहर
- रात्रि का मध्य भाग = द्वितीय और तृतीय पहर
- प्रातः से पहले = चतुर्थ पहर
जैन परंपरा में भी रात्रि के समय को इसी प्रकार पहरों में समझा जाता है।