Jain diya pooja ki short vidhi
जैन दीया पूजा की संक्षिप्त विधि:
- स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहनें।
- पूजा स्थान को साफ करें और भगवान की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक रखें।
- दीया जलाएँ और मन में नमोकार मंत्र का स्मरण करें।
- अष्ट-द्रव्य या केवल दीप अर्पण भावपूर्वक करें, यदि आपकी परंपरा में हो।
- भाव रखें कि यह दीपक ज्ञान, सम्यक् दर्शन और आत्म-प्रकाश का प्रतीक है।
- शांति से प्रार्थना करें — हे प्रभु, मेरे भीतर का अज्ञान दूर हो और सम्यक् मार्ग प्राप्त हो।
- अंत में नमोकार मंत्र या स्तुति बोलकर पूजा समाप्त करें।
संक्षेप भावार्थ: दीया जलाना केवल बाहरी क्रिया नहीं, बल्कि अंतःकरण में ज्ञान का प्रकाश जगाने का प्रतीक है।
यदि चाहें, मैं बहुत छोटी 3-लाइन दीया पूजा विधि भी लिख सकता हूँ।