निर्ग्रन्थ मतलब दिगंबर?
निर्ग्रन्थ का अर्थ है जिसके पास ग्रन्थि/बंधन नहीं हैं, यानी जो मोह, परिग्रह और आसक्ति से रहित हो।
इसलिए:
- निर्ग्रन्थ = केवल दिगंबर ऐसा कहना पूर्णतः सही नहीं है।
- निर्ग्रन्थ एक सामान्य जैन शब्द है, जो पूर्ण वैराग्य और अपरिग्रह वाले साधु/मुनि के लिए आता है।
- दिगंबर जैन परंपरा का एक सम्प्रदाय है, जिसकी साधना में अपरिग्रह और नग्नता का विशेष रूप से पालन होता है।
सरल निष्कर्ष:
- हर दिगंबर साधु निर्ग्रन्थ आदर्श को मानता है।
- लेकिन निर्ग्रन्थ शब्द केवल दिगंबर का पर्याय नहीं है।
जैन ग्रंथों में निर्ग्रन्थ शब्द भगवान महावीर और उनके साधुओं के लिए भी प्रयुक्त होता है, क्योंकि इसका मुख्य भाव है पूर्ण त्याग और आसक्ति-रहित अवस्था।