श्वेतांबर में आत्मज्ञांके लिए कौनसा आगम श्रेष्ठ है
श्वेतांबर परंपरा में यदि एक आगम चुनना हो, तो उत्तराध्ययन सूत्र को आत्मचिंतन, वैराग्य, संयम और आत्मशुद्धि के लिए बहुत श्रेष्ठ माना जाता है। इसमें जीवन का गहरा सार, धर्माचरण, और मोक्षमार्ग का सुंदर उपदेश मिलता है।
आत्मज्ञानी के लिए विशेष रूप से उपयोगी आगम:
- उत्तराध्ययन सूत्र — आत्मबोध, वैराग्य, मोक्षमार्ग
- आचारांग सूत्र — आचरण की शुद्धि, तप और संयम
- दशवैकालिक सूत्र — साधना, नियम, और दैनिक धर्मजीवन
संक्षेप में: आत्मज्ञान की दृष्टि से उत्तराध्ययन सूत्र बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन संपूर्ण श्वेतांबर आगम-परंपरा का सार ही आत्मशुद्धि और मोक्ष है। इसलिए एक ही आगम से अधिक, आगमों का संगत अध्ययन श्रेष्ठ माना जाता है।