60 की साल में भी दीक्षा ग्रहण कर सकते हैं?
हाँ, 60 वर्ष की आयु में भी दीक्षा ग्रहण की जा सकती है, यदि व्यक्ति में सच्ची वैराग्य-भावना, मानसिक स्थिरता, शारीरिक-मानसिक पात्रता, और गुरु भगवंत की स्वीकृति हो।
जैन धर्म में दीक्षा के लिए मुख्य बात वय नहीं, भाव है। अर्थात:
- संसार से वास्तविक विरक्ति
- सम्यक् श्रद्धा
- संयम का दृढ़ संकल्प
- दीक्षा-मार्ग के नियमों का पालन करने की क्षमता
हालाँकि, व्यावहारिक रूप से गुरुजन यह देखते हैं कि व्यक्ति दीक्षा के कड़े व्रत, चर्या, आहार-नियम, विहार, सेवा और तप आदि निभा पाएगा या नहीं। इसलिए 60 वर्ष की आयु बाधा नहीं है, पर पात्रता आवश्यक है।
जैन परंपरा में कई बार वृद्ध अवस्था में भी वैराग्य होने पर दीक्षा ली गई है। मुख्य सिद्धांत यही है कि जब तक शरीर और मन साथ दें, और गुरु उचित समझें, तब तक दीक्षा संभव है।
यदि आप चाहें, तो मैं दीक्षा की पात्रता सरल शब्दों में भी बता सकता हूँ।