ज्ञान आराधना के लिए भी गैजेट का उपयोग कर सकते हैं
हाँ, ज्ञान आराधना के लिए गैजेट का उपयोग किया जा सकता है, यदि उसका उपयोग संयम, विवेक और उद्देश्य-शुद्धि के साथ हो।
जैन दृष्टि से:
- गैजेट का उपयोग स्वाध्याय, शास्त्र-श्रवण, पाठ, अध्ययन और ज्ञान-वृद्धि के लिए किया जा सकता है।
- लेकिन उसका उपयोग आसक्ति, प्रमाद, विकर्षण और अनावश्यक मनोरंजन के लिए नहीं होना चाहिए।
- साधन को सेवक की तरह रखें, स्वामी की तरह नहीं।
- जितना उपयोग ज्ञान, ध्यान और धर्म-लाभ में सहायक हो, उतना ही उचित है।
संक्षेप में: यदि गैजेट से आपका स्वाध्याय बढ़े, धर्म-चिंतन बढ़े और वैराग्य में सहायता मिले, तो उसका उपयोग जैन मर्यादा के भीतर किया जा सकता है।