पारणा का अर्थ
पारणा का अर्थ है उपवास या व्रत पूर्ण होने के बाद भोजन करना। जैन धर्म में विशेष रूप से यह शब्द तप, उपवास, आयंबिल, एकासन आदि के बाद व्रत-समाप्ति पर पहले आहार ग्रहण करने के लिए प्रयोग होता है।
सरल शब्दों में:
- उपवास का समापन = पारणा
- यह व्रत के नियमों के अनुसार, उचित समय और विधि से किया जाता है।
जैन परंपरा में पारणा भी संयम, शुद्धता और विधि के साथ किया जाता है, ताकि तप की साधना का फल निर्मल रहे।