Meaning of ratri tivihar pachkan
Ratri Tivihar Pachkan का अर्थ है:
रात के समय 3 प्रकार के आहार का त्याग करना। यह Jain dharma में एक पवित्र pratyakhyan / pachkan है, जिसमें साधक रात में भोजन और कुछ आहार-सम्बन्धी क्रियाओं से विरत रहने का संकल्प करता है।
साधारण अर्थ:
- Ratri = रात
- Tivihar = 3 प्रकार का आहार
- Pachkan = त्याग / प्रतिज्ञा
सामान्य रूप से इसका भाव:
रात में:- भोजन नहीं करना
- पानी नहीं पीना
- फल, दूध, या अन्य आहार ग्रहण न करना
— परंपरा और भाषा-प्रयोग के अनुसार इसका स्वरूप थोड़ा अलग हो सकता है।
इसका उद्देश्य:
- अहिंसा का पालन
- इन्द्रिय-निग्रह
- संयम बढ़ाना
- रात्रि में सूक्ष्म जीवों की हिंसा से बचना
सरल सार:
रात्रि तिविहार पच्चखाण = रात में तीन प्रकार के आहार का त्याग करने की Jain प्रतिज्ञा।अगर चाहो, तो मैं इसका शुद्ध Jain phrasing / pachkan boli में अर्थ भी बता सकता हूँ।