सर्वज्ञ का अर्थ क्या होता है?
सर्वज्ञ का अर्थ है सब कुछ जानने वाला — अर्थात जिसके ज्ञान में त्रिकाल (भूत, भविष्य, वर्तमान) और सभी द्रव्य, पर्याय, गुण स्पष्ट रूप से ज्ञात हों।
जैन धर्म में सर्वज्ञता केवल केवलज्ञानी अरिहंत और सिद्ध के परम ज्ञान से संबंधित मानी जाती है।
- अरिहंत: देह सहित सर्वज्ञ।
- सिद्ध: देह रहित, पूर्ण ज्ञान में स्थित।
संक्षेप में, सर्वज्ञ = पूर्ण, शुद्ध और बाधारहित ज्ञान वाला।