अष्ट कल्याण पर्व क्या है
अष्ट कल्याण पर्व जैन धर्म में भगवान तीर्थंकरों के जीवन से जुड़े आठ महान मंगल-प्रसंगों का स्मरण करने वाला पर्व या उत्सव है।
ये अष्ट कल्याणक कहलाते हैं:
- गर्भ कल्याणक – तीर्थंकर का गर्भ में आना
- जन्म कल्याणक – जन्म होना
- दीक्षा कल्याणक – गृहत्याग कर संयम लेना
- ज्ञान कल्याणक – केवलज्ञान प्राप्त होना
- निर्वाण कल्याणक – मोक्ष प्राप्त करना
- प्रथम देशना कल्याणक – प्रथम धर्मोपदेश देना
- देववंदना/इन्द्रवंदना कल्याणक – देवों द्वारा वंदना होना
- च्यवन कल्याणक – एक शरीर से दूसरे शरीर में आगमन का मंगल प्रसंग
इन कल्याणकों का स्मरण करने से भक्तों में श्रद्धा, वैराग्य, सम्यक्-ज्ञान और धर्मभाव बढ़ता है। यह पर्व तीर्थंकरों के पवित्र जीवन-चरित्र को याद कर अहिंसा, संयम और आत्मकल्याण की प्रेरणा देता है।
यदि आप चाहें, तो मैं अष्ट कल्याणक का सरल अर्थ या प्रत्येक कल्याणक का विस्तार भी बता सकता हूँ।