chintamani chinta chur stavan meaning by lines
“Chintamani Chinta Chur” stavan का line-by-line meaning सामान्य रूप से इस प्रकार समझा जाता है:
1) Chintamani chinta chur
अर्थ: हे परमात्मा, आप चिंताओं को हर लेने वाले चिंतामणि रत्न जैसे हैं। आपका स्मरण दुख, भय और चिंता को दूर करता है।2) Sharan aayo re prabhu
अर्थ: हे प्रभु, मैं आपकी शरण में आया हूँ।3) Bhavsagar taran taraṇ
अर्थ: आप संसार-सागर से पार लगाने वाले हैं। आपका आश्रय जीव को संसार-बंधन से मुक्त होने की दिशा देता है।4) Moksh marga dikhave
अर्थ: आप मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं। सही ज्ञान, सही दर्शन और सही आचरण की प्रेरणा देते हैं।5) Moh janjaal haraṇ
अर्थ: आप मोह-माया और बंधनों को नष्ट करने वाले हैं। आपका ध्यान आत्मा को आसक्ति से अलग करता है।6) Sukh sampati data
अर्थ: आप सच्चे सुख के दाता हैं। यह सुख बाहरी नहीं, बल्कि आत्मिक शांति का है।7) Pāpa tāpa nivāraṇ
अर्थ: आप पाप और दुःख को दूर करने वाले हैं। आपके स्मरण से आत्मा शुद्धि की ओर बढ़ती है।8) Jai Jinendra
अर्थ: जिनेंद्र भगवान की जय हो। यह नमस्कार और श्रद्धा का भाव है।भावार्थ: इस स्तवन में अरिहंत/जिनेश्वर भगवान की स्तुति की गई है, क्योंकि वे चिंताओं को हरने वाले, मोह को नष्ट करने वाले, और मोक्षमार्ग दिखाने वाले हैं। भक्त उनसे शरण, शांति और आत्मकल्याण की प्रार्थना करता है।
यदि आप चाहें, मैं इसका पूरा पद्य 1-1 पंक्ति में शुद्ध हिंदी अर्थ भी दे सकता हूँ।