20 me tirthankar ka aayushya dixa paryay aur chadmasth kaal
20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रत स्वामी के बारे में प्रचलित जैन परंपरा के अनुसार:
- आयुष्य: 30,000 वर्ष
- दीक्षा के बाद चद्मस्थ काल: 11 महीने
- केवली अवस्था / उपदेश-काल: 7,499 वर्ष 1 माह ( jainworld.jainworld.com)
यदि आप “दीक्षा पर्याय” से साधु-पर्याय की कुल अवधि पूछ रहे हैं, तो वह भी प्रायः दीक्षा से केवली होने तक का चद्मस्थ काल + केवलीकाल मिलाकर बताया जाता है। ( jainworld.jainworld.com)