Dhoop puja ka pura doha
यदि आप अष्टप्रकारी पूजा की धूप-पूजा का दोहा पूछ रहे हैं, तो परंपरा के अनुसार पाठ-भेद हो सकते हैं। एक प्रचलित पंक्ति यह मानी जाती है:
“धूप चढ़ाऊँ जिनवर चरण, भव-भय हरौ मम सर्व।”
यदि आप चाहें तो मैं धूप-पूजा का पूरा पाठ भी दे सकता हूँ।