Push puja ka pura doha
पुष्प पूजा का दोहा यह है:
“पुष्प चढ़ाऊँ प्रभु चरण में, भाव सुधा मन लाऊँ। सुगंधित मन निर्मल कर, सम्यक दर्शन पाऊँ॥” ( jainknowledge.com)
अर्थ: मैं प्रभु के चरणों में फूल अर्पित करता/करती हूँ और अपने मन में शुद्ध भाव लाता/लाती हूँ। जिस तरह फूल सुगंध देता है, वैसे ही मेरा मन भी निर्मल और सुगंधित बने, और मुझे सम्यक् दर्शन प्राप्त हो। ( jainknowledge.com)
यदि आप चाहें, तो मैं अष्टप्रकारी पूजा के बाकी 7 दोहे भी इसी तरह दे सकता हूँ।