नवकार में कितनी निधि होती है
जैन धर्म के अनुसार, नवकार मंत्र (जिसे नमोकार मंत्र भी कहा जाता है) में "नौ निधि" होती हैं। "निधि" का अर्थ है—विशेष प्रकार की संपदा या पुण्य फल। नवकार मंत्र में श्रद्धा और भक्ति से जाप करने पर साधक को नौ प्रकार की निधियाँ प्राप्त होती हैं, जिन्हें "नव निधि" कहा जाता है। ये इस प्रकार हैं:
- धन निधि (धन का संग्रह)
- धान्य निधि (अन्न का संग्रह)
- लक्ष्मी निधि (सम्पत्ति की देवी की कृपा)
- पुष्प निधि (सौंदर्य एवं आकर्षण)
- रत्न निधि (मूल्यवान रत्नों की प्राप्ति)
- सुवर्ण निधि (सोने की प्राप्ति)
- वस्त्र निधि (वस्त्रों की प्राप्ति)
- गज निधि (हाथियों की प्राप्ति/संपन्नता के प्रतीक)
- अश्व निधि (घोड़ों की प्राप्ति/शक्ति के प्रतीक)
इन सबका गूढ़ अर्थ यह है कि नवकार मंत्र का जाप करने से साधक को सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार की संपत्तियाँ, सुख-शांति एवं मोक्ष मार्ग की प्राप्ति होती है।
कुछ स्थानों पर नव निधियों के नामों में भिन्नता मिल सकती है, किंतु मुख्य भाव यही है कि नवकार मंत्र से नौ प्रकार की निधियाँ प्राप्त होती हैं।