Shaman shraini ka prarambh kisne kiya
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श्रमण श्रेणी (Shaman Shrāṇī) का प्रारंभ ऋषभदेव भगवान (आदि तीर्थंकर) ने किया था। जैन धर्म के अनुसार, भगवान ऋषभदेव प्रथम तीर्थंकर थे, जिन्होंने श्रमण संस्कृति, तप, त्याग, अहिंसा और साधु जीवन की स्थापना की थी। उन्होंने ही सर्वप्रथम श्रमण परंपरा आरंभ की, जिसमें संयम, अपरिग्रह, सत्य और अहिंसा का पालन अनिवार्य है।
इस प्रकार, श्रमण श्रेणी का प्रारंभ भगवान ऋषभदेव द्वारा हुआ।