उन मंदिरों के नाम बताइए जो पहले जैन मंदिर थे पर अब अजैन मंदिर माने जाते हैं
ऐसे मामलों में एक पक्की, सर्वमान्य सूची नहीं मिलती, क्योंकि कई मंदिरों के इतिहास पर विद्वानों में मतभेद है। फिर भी, जिन स्थानों को पूर्व जैन मंदिर/जैन स्थल होकर आज हिंदू मंदिर के रूप में देखा जाता है, उनमें ये नाम अक्सर बताए जाते हैं: ( jainqq.org)
- पद्माक्षी मंदिर, हनमकोंडा/वारंगल (तेलंगाना) — 1117 ई. के शिलालेख के आधार पर यहाँ कदलालय बसदी नामक जैन मंदिर/जैन-श्रेणी का स्थल होने का उल्लेख मिलता है; बाद में यह पद्माक्षी/पद्मावती देवी के हिंदू मंदिर के रूप में प्रचलित हुआ। ( jainqq.org)
- बसर का ज्ञान सरस्वती मंदिर (तेलंगाना) — बसर परिसर में जैन संबंधी शिलालेख और जैन गुरु को दिए गए दान का उल्लेख मिला है; कुछ स्रोत इसे पहले जैन सरस्वती-स्थल से जुड़े रूप में बताते हैं, जो बाद में हिंदू सरस्वती मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ। ( timesofindia.indiatimes.com)
- बोम्मलगुट्टा / त्रिभुवनतिलक जिनालय क्षेत्र, करीमनगर (तेलंगाना) — यहाँ 945 ई. का जैन शिलालेख और Tri-bhuvana-tilaka-Jinalaya का उल्लेख मिलता है; आज यह क्षेत्र हिंदू पूजा-स्थल/मंदिर परिसर के रूप में भी जाना जाता है। ( en.wikipedia.org)
अगर आप चाहें, मैं राज्यवार ऐसे और नामों की संक्षिप्त सूची भी दे सकता हूँ।