Tivihar me paani lab tak pi sakte hai
तीविहार (Tivihar) का अर्थ है—तीन प्रकार के विहार: आहार (भोजन), पान (पेय), और शयन (विश्राम)। जैन साधु-साध्वी या श्रावक-श्राविका जब तिविहार उपवास करते हैं, तब वे दिनभर आहार (भोजन), पान (पेय), और शयन—तीनों का त्याग करते हैं।
लेकिन, सामान्य उपवास में केवल आहार (भोजन) का त्याग होता है, पान (पानी) लिया जा सकता है। तिविहार में जल का भी त्याग है, यानी तिविहार उपवास में पानी भी नहीं पी सकते हैं—यह नियम सूर्यास्त के बाद से अगले दिन के सूर्योदय तक रहता है, या कुछ स्थानों पर अगले दिन भोजन तक (जैसा परंपरा हो)।
अर्थात्: तिविहार उपवास में पानी नहीं पी सकते हैं। पानी लेना केवल एकासन या सामान्य उपवास में संभव है, तिविहार में नहीं।
यह नियम जैन आगमों और परंपराओं के अनुसार है।