24 Tirthankar arihant hai ya sidh
24 तीर्थंकर जीवनकाल में अरिहंत होते हैं, और मोक्ष प्राप्त करने के बाद सिद्ध हो जाते हैं।
संक्षेप में:
- तीर्थंकर = अरिहंत अवस्था में जो धर्मतीर्थ की स्थापना करते हैं।
- केवलज्ञान प्राप्त होने के बाद वे अरिहंत कहलाते हैं।
- देह त्याग के बाद वे सिद्ध कहलाते हैं।
इसलिए: 24 तीर्थंकर पहले अरिहंत होते हैं, और मोक्ष के बाद सिद्ध बनते हैं।