Shrimadrajchandra ji is where right now
Shrimad Rajchandra ji का स्थूल शरीर अब इस संसार में नहीं है; उनका देहावसान 1901 में हुआ था।
उनकी आत्मा अभी कहाँ है, यह केवल केवलज्ञानी ही निश्चित रूप से जान सकते हैं। सामान्य रूप से Jain दृष्टि से, आत्मा अपने कर्मों के अनुसार अगली गति में जाती है। यदि किसी आत्मा ने पूर्ण मोक्ष प्राप्त किया हो, तो वह सिद्धशिला में रहती है।
Shrimad Rajchandra ji को Jain परंपरा में एक अत्यंत आध्यात्मिक, आत्मज्ञानी महापुरुष के रूप में सम्मान दिया जाता है।