हमेशा रात्रि भोजन त्याग करने वाले को महीने में कितने उपवास का लाभ मिलता है?
जैन धर्म के अनुसार, जो व्यक्ति हमेशा रात्रि भोजन का त्याग करता है (अर्थात् सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करता), उसे विशेष पुण्य प्राप्त होता है। शास्त्रों में कहा गया है कि प्रतिदिन रात्रि भोजन का त्याग करने से एक उपवास के बराबर पुण्यफल मिलता है। इस प्रकार, यदि कोई व्यक्ति पूरे महीने (30 दिन) रात्रि भोजन का त्याग करता है, तो उसे महीने में 30 उपवास के बराबर पुण्यफल प्राप्त होता है।
यह मान्यता जैन आगमों और आचार्यों के उपदेशों में उल्लिखित है। रात्रि भोजन त्याग को जैन साधना में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इससे अहिंसा का पालन और आत्मशुद्धि होती है।