Ajeev ke examples
जैन धर्म में अजीव (Ajīva) के उदाहरण हैं:
- पुद्गल — जैसे मिट्टी, जल, अग्नि, वायु, शरीर, वस्त्र, भोजन
- धर्मास्तिकाय — गति में सहायक तत्त्व
- अधर्मास्तिकाय — स्थिर रहने में सहायक तत्त्व
- आकाश — स्थान देने वाला तत्त्व
- काल — समय
संक्षेप में: जो जीवित नहीं है, उसे अजीव कहते हैं।